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अंडे के भाव

Spinach price: राजस्थान में पालक का मंडी भाव (28 फरवरी, 2024)

अलवर बाजार (F&V) में पालक के भाव: 28 फरवरी 2024 को अलवर बाजार में पालक की आवक 0.7 टन दर्ज की गई। इस दिन पालक की कीमतें स्थिर रहीं, और यहां पर निम्नलिखित भाव दर्ज किए गए।न्यूनतम भाव: 900 रुपये प्रति क्विंटलअधिकतम भाव:...

MarketBhav News Desk Published:
Spinach price: राजस्थान में पालक का मंडी भाव (28 फरवरी, 2024)
Spinach price: राजस्थान में पालक का मंडी भाव (28 फरवरी, 2024)

अलवर बाजार (F&V) में पालक के भाव: 28 फरवरी 2024 को अलवर बाजार में पालक की आवक 0.7 टन दर्ज की गई। इस दिन पालक की कीमतें स्थिर रहीं, और यहां पर निम्नलिखित भाव दर्ज किए गए।

  • न्यूनतम भाव: 900 रुपये प्रति क्विंटल
  • अधिकतम भाव: 1200 रुपये प्रति क्विंटल
  • औसत (मोडल) भाव: 1000 रुपये प्रति क्विंटल

अलवर में पालक की आवक कम होने के बावजूद कीमतें अच्छी बनी रहीं। यह दर्शाता है कि बाजार में पालक की मांग स्थिर है और व्यापारी अच्छी कीमतों पर इसे खरीदने के इच्छुक हैं।

बीकानेर बाजार (F&V) में पालक के भाव:

बीकानेर बाजार में 28 फरवरी 2024 को पालक की आवक 1.1 टन दर्ज की गई। यहां पालक की कीमतें अलवर की तुलना में थोड़ी कम रहीं:

  • न्यूनतम भाव: 800 रुपये प्रति क्विंटल
  • अधिकतम भाव: 1000 रुपये प्रति क्विंटल
  • औसत (मोडल) भाव: 900 रुपये प्रति क्विंटल

बीकानेर में पालक की मांग थोड़ी सामान्य रही, जिसके कारण कीमतें स्थिर स्तर पर रहीं। यहां पालक की आवक मध्यम रही, जो कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकती है।

जयपुर बाजार (F&V) में पालक के भाव:

28 फरवरी को जयपुर बाजार में पालक की भारी आवक दर्ज की गई, जो कि 95 टन तक पहुंची। इतनी बड़ी मात्रा में आवक के बावजूद कीमतें निम्न स्तर पर रहीं:

  • न्यूनतम भाव: 500 रुपये प्रति क्विंटल
  • अधिकतम भाव: 800 रुपये प्रति क्विंटल
  • औसत (मोडल) भाव: 650 रुपये प्रति क्विंटल

जयपुर में पालक की अत्यधिक आवक के कारण कीमतों में गिरावट देखी गई। अधिक आपूर्ति के कारण व्यापारी कम कीमतों पर पालक खरीदने में सक्षम रहे। यह स्थिति उन किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है जो उच्च कीमतों की उम्मीद कर रहे थे।

निष्कर्ष: 28 फरवरी 2024 को राजस्थान के प्रमुख बाजारों में पालक के भावों में विविधता देखने को मिली। अलवर और बीकानेर में जहां पालक की कीमतें स्थिर और अच्छी रहीं, वहीं जयपुर में भारी आवक के कारण कीमतों में कमी आई। किसानों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे स्थानीय बाजार की स्थितियों और आवक के आधार पर अपनी फसल की बिक्री की योजना बनाएं।